Sonam Wangchuk End’s Hunger Strike: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिया है। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने अपना आंदोलन फिलहाल समाप्त करने का फैसला लिया है। X पर वांगचुक का संदेश सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत के बाद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्हें लगा कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना गया है। https://twitter.com/Wangchuk66/status/2080471599237702014 प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत वांगचुक ने बताया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई FIR या दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इसके अलावा 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च में शामिल लोगों पर भी किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने का भरोसा दिया गया है। उनका कहना है कि इससे आंदोलन में शामिल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजा उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े जिन 20 से अधिक छात्रों की मौत हुई है, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार ने लिखित सहमति दी है। वांगचुक ने इसे प्रभावित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। संसद में होगी विस्तृत चर्चा सोनम वांगचुक के मुताबिक, सरकार ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने का भी लिखित आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार का रास्ता खुल सकता है। इस्तीफे की मांग पर नहीं बनी बात हालांकि, वांगचुक ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता तीन प्रमुख मांगों को पूरा कराना थी और उन पर लिखित सहमति मिलने के बाद उन्होंने अपना 26 दिन पुराना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अपने लिखित वादों को किस तरह और कितनी जल्दी अमल में लाती है। ये भी पढ़ें: मोदी का वीडियो संदेश, राहुल की इस्तीफे की मांग… 26 दिन बाद वांगचुक ने खत्म किया अनशन